मेट्रो निर्माण में वन संबंधी मुद्दों पर कार्यशाला
डीएमआरसी अकादमी द्वारा 25 जून 2026 को “मेट्रो निर्माण में वन संबंधी मुद्दे: नियमावली, सावधानियां एवं विलम्ब से बचाव” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें डीएमआरसी के विभिन्न विभागों के 36 अधिकारियों ने भाग लिया। तकनीकी सत्र भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारियों श्री एच. एस. सोहल एवं श्री ए. के. लाल द्वारा संचालित किए गए। उन्होंने वन स्वीकृतियों, वैधानिक प्रावधानों तथा मेट्रो परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। संवादात्मक चर्चाओं एवं व्यावहारिक उदाहरणों से समृद्ध इस कार्यशाला को प्रतिभागियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया तथा इसने मेट्रो अवसंरचना परियोजनाओं से संबंधित वन एवं पर्यावरणीय विषयों की समझ को और सुदृढ़ किया।
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अनुशासन एवं अपील नियमों पर कार्यशाला
डीएमआरसी अकादमी द्वारा 23 से 25 जून 2026 तक 19 नामित डीएमआरसी अधिकारियों के लिए अनुशासन एवं अपील नियमों पर तीन दिवसीय कार्यशाला के 13वें बैच का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के विशेषज्ञ सत्र डीएमआरसी अधिकारियों द्वारा संचालित किए गए, जबकि एक सत्र का संचालन अतिथि संकाय द्वारा किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
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श्री मुकेश कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी, आरवीएनएल का दौरा
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), श्री मुकेश कुमार ने 24 जून 2026 को डीएमआरसी अकादमी का दौरा किया। इस दौरान उन्हें अकादमी की प्रशिक्षण प्रणाली, अत्याधुनिक शिक्षण सुविधाओं, सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण अवसंरचना तथा मेट्रो रेल क्षेत्र में क्षमता निर्माण हेतु संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। उन्होंने अकादमी के अधिकारियों के साथ संवाद भी किया तथा शहरी परिवहन प्रणालियों के लिए सक्षम एवं भविष्य के लिए तैयार पेशेवरों के विकास में अकादमी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने डीएमआरसी अकादमी को “उत्कृष्ट सुविधाओं एवं संकाय से सुसज्जित राष्ट्रीय महत्व के उत्कृष्ट संस्थानों में से एक” बताते हुए अपने दौरे को “जीवन का एक उत्कृष्ट अनुभव” बताया।
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महाप्रबंधक, कोलकाता मेट्रो का दौरा
कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक, श्री पी. एस. गुप्ता ने 22 जून 2026 को डीएमआरसी अकादमी का दौरा किया। दौरे का प्रारंभ डीएमआरसी पर आधारित वृत्तचित्र के प्रदर्शन से हुआ, जिसके उपरांत उन्होंने अकादमी की अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, जिनमें डिजिटल स्टूडियो, सिविल डेमो कक्ष, ईसीएस/टीवीएस कक्ष, डिजिटल लाइब्रेरी, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल कक्ष, विभिन्न रोलिंग स्टॉक सिम्युलेटर, एटीएस सिम्युलेटर, आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (एआर/वीआर) प्रयोगशाला शामिल हैं, का अवलोकन किया। अकादमी की उन्नत प्रशिक्षण अवसंरचना से प्रभावित होकर श्री गुप्ता ने कहा, “अकादमी में अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। संभवतः भारत में ऐसी सुविधाएं अन्यत्र उपलब्ध नहीं हैं, जो इसे मेट्रो प्रशिक्षण के क्षेत्र में विश्व अग्रणी बनने की क्षमता प्रदान करती हैं।”
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स्मार्ट नेविगेशन प्रणाली की शुरुआत
21 जून 2026 को प्रबंध निदेशक, डीएमआरसी ने निदेशक (परिचालन एवं सेवाएँ), निदेशक (वित्त) तथा महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी की उपस्थिति में अकादमी की क्यूआर-कोड आधारित इंडोर नेविगेशन प्रणाली का उद्घाटन किया। यह स्मार्ट वे-फाइंडिंग प्रणाली आगंतुकों एवं प्रशिक्षुओं को अपने स्मार्टफोन से विभिन्न स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड स्कैन कर अकादमी के कक्षों, प्रयोगशालाओं एवं कार्यालयों तक आसानी से पहुंचने की सुविधा प्रदान करती है।
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डिजिटल लर्निंग स्टूडियो का उद्घाटन
डॉ. विकास कुमार; प्रबंध निदेशक, डीएमआरसी, ने 21 जून 2026 को डॉ. अमित कुमार जैन; निदेशक (परिचालन एवं सेवाएँ), श्री अजीत शर्मा; निदेशक (वित्त) तथा श्री घनश्याम बंसल; महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी की गरिमामयी उपस्थिति में डीएमआरसी अकादमी के डिजिटल स्टूडियो का उद्घाटन किया। कर्मयोगी भारत के सहयोग से स्थापित यह डिजिटल स्टूडियो मेट्रो रेल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण एवं डिजिटल क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उद्घाटन के अवसर पर प्रबंध निदेशक ने डिजिटल शिक्षण की बढ़ती भूमिका तथा कार्यबल की दक्षताओं को सुदृढ़ करने में इसकी महत्ता पर एक वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया। इस डिजिटल स्टूडियो का उपयोग ई-लर्निंग मॉड्यूल, विशेषज्ञ व्याख्यान, वेबिनार, पॉडकास्ट, वर्चुअल कक्षा सत्र तथा अन्य ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों के विकास हेतु किया जाएगा। यह सुविधा डीएमआरसी अकादमी को उच्च गुणवत्ता वाली, आकर्षक एवं मापनीय डिजिटल शिक्षण सामग्री विकसित करने में सक्षम बनाएगी तथा मेट्रो प्रोफेशनल्स की सतत जानकारी एवं व्यावसायिक विकास को और सुदृढ़ करेगी।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन
डीएमआरसी अकादमी, शास्त्री पार्क में 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 250 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम डॉ. विकास कुमार; प्रबंध निदेशक, डीएमआरसी, डॉ. अमित कुमार जैन; निदेशक (परिचालन एवं सेवाएँ), श्री अजीत शर्मा; निदेशक (वित्त), तथा श्री घनश्याम बंसल; महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया। यह आयोजन इस वर्ष की वैश्विक थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” पर आधारित था। कार्यक्रम में कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास, महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी का स्वागत उद्बोधन तथा प्रबंध निदेशक का प्रेरणादायक संबोधन शामिल रहा, जिसमें उन्होंने समग्र स्वास्थ्य, मानसिक सुख-समृद्धि एवं कार्यक्षमता को बढ़ावा देने के लिए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज़ फाउंडेशन के अधिकारियों का दौरा
25 मई 2026 को डिजिटल स्किल्स अकादमी, आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज़ फाउंडेशन के श्री बालामुरली शंकर, मुख्य ज्ञान अधिकारी तथा प्रो. मधुसूदनन भास्करन, प्रिंसिपल एआईएमएल कंसल्टेंट एवं लीड फैकल्टी, ने डीएमआरसी अकादमी का दौरा किया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों द्वारा अपने-अपने शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संबंधी कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा प्रशिक्षण, अनुसंधान, संकाय विकास एवं तकनीकी उन्नयन के क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। आईआईटीएम प्रवर्तक टीम ने डीएमआरसी अकादमी के अधिकारियों को आईआईटी मद्रास दौरा हेतु भी आमंत्रित किया। यह दौरा उभरती प्रौद्योगिकियों एवं कौशल विकास के क्षेत्र में भावी सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
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सीएमआरएल ओ&एम फेज़ -II प्रशिक्षुओं हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम “कला संगम”
22 मई 2026 को डीएमआरसी अकादमी द्वारा भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पहल के अंतर्गत सीएमआरएल ओएंडएम फेज़-II प्रशिक्षुओं के लिए शास्त्री पार्क परिसर स्थित सभागार में “कला संगम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिचालन, सिग्नलिंग एवं दूरसंचार विभागों के तीन बैचों के 75 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया तथा गायन, नृत्य, वाद्य संगीत, कविता पाठ एवं क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित 12 प्रस्तुतियाँ दीं। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री आर. डी. चौधुरी, कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन), ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए प्रशिक्षुओं के समग्र विकास, टीम भावना एवं सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
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संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण के चार बैचों का सफल आयोजन
डीएमआरसी अकादमी द्वारा 29–30 जनवरी, 20–21 फ़रवरी, 23–24 अप्रैल तथा 21–22 मई 2026 को “संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण” के चार बैचों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन बैचों में परिचालन विभाग के कुल 89 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसके साथ दस बैचों में अब तक प्रशिक्षित कर्मचारियों की कुल संख्या 215 हो गई है। संस्कृत भारती, दिल्ली के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा संचालित इस दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोलचाल की संस्कृत, समझने की क्षमता, मूल व्याकरण, वाक्य संरचना तथा प्रभावी संवाद हेतु मेट्रो संचालन से संबंधित व्यावहारिक शब्दावली पर विशेष ध्यान दिया गया।
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रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (मानव संसाधन) का दौरा
रेलवे बोर्ड की अतिरिक्त सदस्य (मानव संसाधन), डॉ. वी. जी. भूमा ने 22 मई 2026 को डीएमआरसी अकादमी का दौरा कर इसकी प्रशिक्षण अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी प्राप्त की। दौरे के दौरान उन्होंने सीएमआरएल ओएंडएम फेज़-II के प्रशिक्षुओं से संवाद किया तथा उन्हें मेट्रो रेल क्षेत्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्हें अकादमी की अवसंरचना, प्रशिक्षण पद्धतियों तथा उत्कृष्टता केंद्र के बारे में एक वृत्तचित्र प्रस्तुति के माध्यम से अवगत कराया गया। दौरे का समापन आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर के अवलोकन के साथ हुआ, जहां उन्होंने मेट्रो कर्मियों के कौशल विकास हेतु विकसित अकादमी की उन्नत व्यावहारिक प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने डीएमआरसी अकादमी की सराहना करते हुए कहा, “डीएमआरसी अकादमी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि यह विकास एवं शिक्षण का एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र है।”
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आईएएस परिवीक्षाधीन अधिकारियों का दौरा
डीएमआरसी अकादमी ने 15 मई 2026 को एक्सपोज़र विजिट कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों का स्वागत किया। अधिकारियों को अकादमी की अत्याधुनिक अवसंरचना, विशेष प्रदर्शन सुविधाओं तथा मेट्रो रेल क्षेत्र के लिए संचालित क्षमता निर्माण पहलों से अवगत कराया गया। दौरे के दौरान महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी के साथ एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विचारों एवं अनुभवों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। अधिकारियों ने अकादमी द्वारा अनुभवात्मक एवं प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिए जाने की सराहना की।
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“वीनियामक अनुपालन: एमआरटीएस को नियंत्रित करने वाले विनियम” विषय पर अर्धदिवसीय वेबिनार
डीएमआरसी अकादमी के परिचालन विंग द्वारा 13 मई 2026 को “नियामकीय अनुपालन: एमआरटीएस को नियंत्रित करने वाले विनियम” विषय पर एक अर्धदिवसीय वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें डीएमआरसी परिवार के लगभग 50 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सत्र में ‘मेट्रो रेल (परिचालन एवं अनुरक्षण) अधिनियम, 2002’, ‘मेट्रो रेल का उद्घाटन और सार्वजनिक परिवहन नियम, 2013’ तथा सीएमआरएस निरीक्षणों के दौरान सामान्यतः की जाने वाली टिप्पणियों एवं अवलोकनों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने सत्र की व्यावहारिक उपयोगिता तथा नियामकीय अनुपालन संबंधी जागरूकता बढ़ाने में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
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डीबी आरआरटीएस ऑपरेशंस इंडिया अधिकारियों का दौरा
12 मई 2026 को डीएमआरसी अकादमी ने डीबी आरआरटीएस ऑपरेशंस इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री Heiko Schutto का स्वागत किया। दौरे के समय अकादमी पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई तथा अकादमी की अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, विशेष प्रयोगशालाओं, उत्कृष्टता केंद्रों एवं मेट्रो रेल क्षेत्र में क्षमता निर्माण संबंधी पहलों को प्रदर्शित करने वाली वृत्तचित्र फिल्म दिखाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने अकादमी की विभिन्न प्रशिक्षण सुविधाओं एवं व्यावहारिक शिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। कार्यक्रम का समापन महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी के साथ एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ। यह दौरा व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के क्षेत्र में विचारों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के अर्थपूर्ण आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
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एशियाई परिवहन विकास संस्थान (AITD) रेलवे प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भूटान सरकार के अधिकारियों का दौरा
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को डीएमआरसी अकादमी में भूटान सरकार के अधिकारियों का एशियाई परिवहन विकास संस्थान (AITD) रेलवे प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया। प्रतिनिधिमंडल को वृत्तचित्र प्रस्तुति के माध्यम से अकादमी की अत्याधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना, विशेष सिम्युलेटर एवं सीबीटी लैब आदि की जानकारी प्रदान की गई, जिसके उपरांत महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों ने सिम्युलेटर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।
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पूर्वी एवं मध्य अफ्रीका के राजदूत का डीएमआरसी अकादमी दौरा
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को डीएमआरसी अकादमी में श्री मुकेश कुमार, राजदूत (पूर्वी एवं मध्य अफ्रीका) का स्वागत किया गया। उन्हें अकादमी की अवसंरचना एवं प्रशिक्षण पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें मेट्रो क्षेत्र के लिए क्षमता निर्माण में अकादमी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। इसके पश्चात उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन कराया गया, जहाँ उन्नत व्यावहारिक प्रशिक्षण वातावरण का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने अकादमी की सराहना करते हुए कहा, “यह एक अत्यंत उत्कृष्ट अनुभव रहा तथा यह एक उच्च स्तर की पेशेवर अकादमी है।”
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ग्राउंड इंजीनियरिंग एवं सुदृढ़ित मृदा विधियों पर तकनीकी कार्यशाला
दिनांक 24 अप्रैल 2026 को डीएमआरसी अकादमी द्वारा “ग्राउंड इंजीनियरिंग एवं सुदृढ़ित मृदा विधि” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्तरों के अधिकारी, जैसे सीआरई, प्रबंधक एवं कनिष्ठ अभियंता, सम्मिलित हुए। उद्योग विशेषज्ञों द्वारा आयोजित व्याख्यान सत्रों में सुदृढ़ित मृदा संरचनाएँ, भू-स्थिरीकरण, ढलान संरक्षण तथा जियोसिंथेटिक्स जैसे प्रमुख विषयों को सम्मिलित किया गया। कार्यशाला में संवादात्मक चर्चाएँ एवं केस स्टडी भी शामिल थीं, जिससे व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ किया गया। इस कार्यक्रम को इसकी तकनीकी गहराई एवं व्यावहारिक उपयोगिता के लिए व्यापक सराहना प्राप्त हुई, जिससे उन्नत होती सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों में उत्कृष्टता एवं क्षमता निर्माण के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता पुनः स्थापित हुई।
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डीएमआरसी–इनसीड (INSEAD) लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (LDP)
डीएमआरसी अकादमी द्वारा इनसीड (INSEAD) के सहयोग से “भविष्य के लिए नेतृत्व निर्माण” विषय पर नेतृत्व विकास कार्यक्रम (LDP) का अप्रैल 2026 में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो चरणों — दिल्ली (08–10 अप्रैल) एवं सिंगापुर (15–17 अप्रैल) — में आयोजित किया गया, जिसमें 10 मेट्रो संगठनों तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीएमआरसी अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटलीकरण, परियोजना प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा रणनीतिक नेतृत्व जैसे विषयों को शामिल किया गया, जिन्हें तकनीकी भ्रमण एवं वैश्विक विशेषज्ञों के सत्रों द्वारा और समृद्ध बनाया गया। सिंगापुर मॉड्यूल के अंतर्गत इनसीड के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों द्वारा ग्राहक-केंद्रित नेतृत्व, पारिस्थितिकी तंत्र आधारित रणनीतिक सोच, ब्लू ओशन रणनीति तथा परिवर्तन प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम को उत्कृष्ट प्रतिक्रिया मिली तथा यह पहल डीएमआरसी की परिचालन विशेषज्ञता एवं इनसीड की वैश्विक नेतृत्व उत्कृष्टता का समन्वय करते हुए भारत के शहरी परिवहन क्षेत्र हेतु भावी नेतृत्व विकास का एक मानक मॉडल सिद्ध हुई।
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“साधना सप्ताह” कार्यशालाओं का आयोजन
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार मिशन कर्मयोगी – साधना सप्ताह (02–08 अप्रैल 2026) के अंतर्गत डीएमआरसी अकादमी द्वारा तीन विषय-आधारित कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक भौतिक रूप से आयोजन किया गया। टेक्नोलॉजी, ट्रेडिशन एवं टैन्जिबल आउटकम्स विषयों पर आयोजित इन कार्यशालाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता / आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं साइबर सुरक्षा (03–04 अप्रैल), भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता (06 अप्रैल) तथा यात्री सेवाओं में डिजिटलीकरण (07 अप्रैल) जैसे विषयों को शामिल किया गया। कार्यक्रम में डीएमआरसी के अधिकारियों एवं अकादमी के संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। यह पहल निर्धारित समयसीमा में सफलतापूर्वक पूर्ण की गई, जिसने क्षमता निर्माण, सुशासन, तथा नवाचार आधारित जनसेवा के प्रति डीएमआरसी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।
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संयुक्त सचिव, बाह्य प्रचार एवं सार्वजनिक कूटनीति, विदेश मंत्रालय का दौरा
दिनांक 04 अप्रैल 2026 को श्री राजेश परिहार, संयुक्त सचिव (एक्सपी), विदेश मंत्रालय ने डीएमआरसी अकादमी का दौरा कर इसकी प्रशिक्षण अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी प्राप्त की। उन्हें अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं एवं प्रशिक्षण क्षमताओं पर आधारित एक वृत्तचित्र प्रस्तुति दिखाई गई, जिसके पश्चात उन्होंने प्रमुख प्रयोगशालाओं एवं सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान अकादमी द्वारा विकसित तकनीक-संचालित प्रशिक्षण वातावरण को प्रदर्शित किया गया, जो मेट्रो रेल क्षेत्र में कौशल विकास को सुदृढ़ करता है।
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अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान के अधिकारी प्रशिक्षुओं का दौरा
दिनांक 27 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी में अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान में एमबीए (वित्त प्रबंधन) कर रहे केंद्रीय एवं राज्य सरकार सेवाओं के अधिकारी प्रशिक्षुओं का अध्ययन दौरा आयोजित किया गया। प्रशिक्षुओं को अकादमी की अत्याधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के बारे में जानकारी दी गई, जिसके उपरांत उन्हें प्रमुख सुविधाओं जैसे सिम्युलेटर, मॉडल कक्षों एवं सीबीटी लैब का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया। साथ ही, डीएमआरसी के सीजीएम (वित्त) द्वारा वित्त विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न आयामों का समृद्ध ज्ञान प्रदान किया गया।
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डीएमआरसी एवं इनसीड (INSEAD) – द बिज़नेस स्कूल फॉर द वर्ल्ड, सिंगापुर के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने दिनांक 23 मार्च 2026 को इनसीड (INSEAD) – द बिज़नेस स्कूल फॉर द वर्ल्ड, सिंगापुर के साथ मेट्रो क्षेत्र में क्षमता निर्माण एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता को सहभागी एवं अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से सुदृढ़ करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य रणनीतिक, व्यावसायिक तथा यात्री संतुष्टि के दृष्टिकोण से मेट्रो रेल प्रबंधन की समझ को और गहरा करना है। साथ ही, यह डीएमआरसी अकादमी एवं इनसीड, सिंगापुर के मध्य ज्ञान, विचारों एवं विशेषज्ञता के निर्बाध आदान-प्रदान हेतु एक संरचित मंच प्रदान करता है। यह सहयोग शहरी परिवहन एवं मेट्रो रेल प्रणालियों में डीएमआरसी की विशेषज्ञता तथा नेतृत्व, रणनीति एवं प्रबंधन शिक्षा में इनसीड की वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता को एक साथ लाता है। यह समझौता दोनों संस्थाओं की कौशल विकास, नवाचार को प्रोत्साहन तथा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे शहरी परिवहन प्रणालियों के सतत विकास एवं आधुनिकीकरण को बल मिलेगा। समझौता ज्ञापन पर श्री घनश्याम बंसल, महानिदेशक/डीएमआरसी अकादमी एवं प्रोफेसर समीर हसीजा, डीन (एक्जीक्यूटिव एजुकेशन एवं एशिया कैंपस), इनसीड, सिंगापुर द्वारा डॉ. विकास कुमार, प्रबंध निदेशक/डीएमआरसी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
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अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन के अपर महानिदेशक का दौरा
दिनांक 14 मार्च 2026 को श्री काज़ी मैराज अहमद, अपर महानिदेशक / अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (ADG/RDSO), ने डीएमआरसी अकादमी का दौरा कर इसकी प्रशिक्षण अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण पहलों की समीक्षा की। उन्हें अकादमी की उन्नत सुविधाओं एवं प्रशिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई, जिसके उपरांत उन्होंने प्रमुख प्रयोगशालाओं एवं सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अकादमी के तकनीक-संचालित प्रशिक्षण पारितंत्र की सराहना की तथा अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) के साथ सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया, जिससे रेल क्षेत्र में नवाचार एवं कौशल विकास को और सुदृढ़ किया जा सके।
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ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन (GoA) पर आई-मेट्रो कार्यशाला
दिनांक 13 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी में ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन (GoA) विषय पर आई-मेट्रो कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में देश की सात मेट्रो प्रणालियों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें मेट्रो सिग्नलिंग एवं ऑटोमेशन के प्रमुख पहलुओं—जैसे सीबीटीसी (CBTC) मानक, ऑटोमेशन के स्तर तथा यूटीओ (UTO) कमांड एवं नियंत्रण—पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों की आधुनिक मेट्रो सिग्नलिंग के क्षेत्र में तकनीकी एवं परिचालन क्षमताओं को सुदृढ़ किया तथा मेट्रो क्षेत्र हेतु उद्योग उन्मुख एवं उच्च गुणवत्ता वाले क्षमता निर्माण प्रदान करने के प्रति डीएमआरसी अकादमी की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। समापन समारोह के दौरान श्री अरुण कुमार, सलाहकार/एस एंड टी समन्वय, डीएमआरसी ने उभरती सिग्नलिंग तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें भारत की पहली मेट्रो प्रणाली के रूप में डीएमआरसी द्वारा यूटीओ (UTO) के अग्रणी कार्यान्वयन, एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा मिश्रित एआर/वीआर अनुप्रयोग शामिल हैं।
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रेल वेल्डिंग एवं यूएसएफडी परीक्षण पर तकनीकी कार्यशाला
दिनांक 13 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी द्वारा “रेल वेल्डिंग एवं अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) परीक्षण की तकनीक” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 36 अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड, मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधि शामिल थे। इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग (पुणे) एवं उद्योग विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान सत्र आयोजित किए गए, जिन्हें एटी वेल्ड्स के यूएसएफडी पर व्यावहारिक प्रशिक्षण द्वारा पूरित किया गया। इस कार्यशाला को इसके व्यावहारिक दृष्टिकोण एवं तकनीकी गहराई के लिए व्यापक सराहना मिली, जिससे मेट्रो रेल प्रणालियों के क्षेत्र में क्षमता निर्माण एवं उत्कृष्टता के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता पुनः स्थापित हुई।
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मेजर जनरल सी. जे. जयचंद्रन, एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ इंजीनियर्स (कार्मिक) के नेतृत्व में रक्षा अधिकारियों का दौरा
दिनांक 11 मार्च 2026 को मेजर जनरल सी. जे. जयचंद्रन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएमआरसी अकादमी का दौरा किया, ताकि डीएमआरसी की प्रशिक्षण अवसंरचना एवं क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी प्राप्त की जा सके। अधिकारियों को अकादमी एवं उसकी सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसके उपरांत उन्हें प्रशिक्षण परिसरों का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया। अधिकारियों ने अकादमी की सराहना करते हुए कहा की “देश के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों में से एक की प्रशिक्षण सुविधाओं को देखना हमारे लिए गौरव का विषय है। डीएमआरसी ने निर्माण एवं संचालन दोनों क्षेत्रों में उच्च मानक स्थापित किए हैं, जिसका श्रेय इस अकादमी को जाता है। दूरदर्शी प्रबंधन, प्रेरित कर्मियों एवं संपूर्ण टीम को बधाई। शुभकामनाएँ एवं जय हिन्द।”
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“संविदा प्रबंधन: अंतर्दृष्टि एवं अनुभव साझा” विषय पर कार्यशाला
दिनांक 10 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी में “संविदा प्रबंधन” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसे पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह द्वारा संबोधित किया गया। इस सत्र में डीएमआरसी तथा नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा अवसंरचना परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु समयबद्ध निर्णय-निर्धारण एवं पारदर्शी समन्वय के महत्व पर महत्वपूर्ण रणनीतिक अंतर्दृष्टियाँ प्राप्त कीं। कार्यशाला का समापन विचार-विमर्श एवं अनुभवों के आदान-प्रदान के साथ हुआ, जिससे यह प्रतिभागी अधिकारियों के लिए एक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सत्र सिद्ध हुआ।
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संरक्षा एवं स्वास्थ के प्रति प्रतिज्ञा का आयोजन
दिनांक 05 मार्च 2026 को डीएमआरसी में मनाए जा रहे संरक्षा जागरूकता सप्ताह (04–10 मार्च 2026) के अंतर्गत सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षुओं को संरक्षा एवं स्वास्थ के प्रति प्रतिज्ञा (शपथ) दिलाई गई। यह प्रतिज्ञा (शपथ) महानिदेशक, डीएमआरसी अकादमी द्वारा दिलाई गई, जिससे सभी प्रतिभागियों ने समस्त कार्यों एवं गतिविधियों में उच्चतम संरक्षा मानकों के पालन हेतु अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
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सतत भविष्य हेतु स्मार्ट इंजीनियरिंग पर तकनीकी सत्र
दिनांक 05 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी में ‘सतत विकास के लिए विश्व इंजीनियरिंग दिवस 2026’ के अवसर पर “नवाचार एवं डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत भविष्य हेतु स्मार्ट इंजीनियरिंग” विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र डॉ. विकास कुमार, प्रबंध निदेशक, डीएमआरसी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) – दिल्ली लोकल नेटवर्क के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में डीएमआरसी के अधिकारी एवं आईईटी के सदस्य ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। अपने व्याख्यान में डॉ. विकास कुमार ने स्मार्ट इंजीनियरिंग, डिजिटलीकरण तथा सतत शहरी परिवहन में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा ऑटोमेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं ऊर्जा दक्षता से संबंधित डीएमआरसी की पहलों का उल्लेख किया।
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सोज़िट्ज़ (Sojitz) कॉर्पोरेशन, जापान के प्रतिनिधिमंडल का दौरा
दिनांक 03 मार्च 2026 को डीएमआरसी अकादमी ने सोज़िट्ज़ (Sojitz) कॉर्पोरेशन, जापान के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस अवसर पर अकादमी के अवसंरचना, प्रशिक्षण पद्धतियों तथा उत्कृष्टता केन्द्रों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें मेट्रो रेल क्षेत्र हेतु कुशल मानव संसाधन विकास में अकादमी की भूमिका को रेखांकित किया गया। साथ ही, जापान में कार्य हेतु आवश्यक कौशल एवं प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर सार्थक संवाद किया गया। तत्पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने सिविल डेमोंस्ट्रेशन कक्ष, जीएमएसएम सीबीटी कक्ष, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल कक्ष, आरएस-10 बोगी सेक्शन, ब्रेक्स एवं न्यूमेटिक्स कक्ष तथा आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर सहित विभिन्न प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल द्वारा अकादमी के अत्याधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना, अनुभवात्मक शिक्षण वातावरण तथा व्यावहारिक एवं अनुप्रयोग-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सराहना की गई।
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विरासत एवं शासन प्रणाली का अन्वेषण: राष्ट्रपति भवन एवं अमृत उद्यान की हमारी ज्ञानवर्धक यात्रा
25 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी के संकाय सदस्यों एवं अधिकारियों ने भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) पहल के अंतर्गत राष्ट्रपति भवन एवं अमृत उद्यान का आधिकारिक शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भारत की संवैधानिक विरासत, शासन व्यवस्था तथा संस्थागत परंपराओं के प्रति समृद्ध और सार्थक अनुभव प्रदान करना था। प्रतिभागियों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की कार्यप्रणाली, उसके ऐतिहासिक विकास, स्थापत्य वैभव तथा प्रशासनिक महत्व के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अमृत उद्यान के भ्रमण ने भारतीय उद्यानिकी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्धि को समझने एवं सराहने का अवसर भी प्रदान किया। यह शिक्षण भ्रमण अकादमी के अधिकारियों के मध्य संस्थागत जागरूकता को सुदृढ़ करने तथा भारत की शासन प्रणाली के प्रति गहन समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
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डीएमआरसी अकादमी में डीआरडीओ अधिकारियों का तकनीकी-प्रबंधकीय कौशल विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण
20 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा आयोजित एक आधिकारिक भ्रमण के अंतर्गत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों का स्वागत किया गया। यह भ्रमण उनके तकनीकी-प्रबंधकीय कौशल विकास कार्यक्रम का भाग था। कार्यक्रम की शुरुआत अकादमी की अत्याधुनिक अवसंरचना, प्रशिक्षण क्षमताओं एवं उत्कृष्टता केंद्रों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुति से हुई। इसके उपरांत अधिकारियों को सिविल डेमोंस्ट्रेशन कक्ष, जीएमएसएम सीबीटी कक्ष, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल कक्ष, आरएस-10 बोगी अनुभाग, ब्रेक्स एवं न्यूमैटिक्स कक्ष तथा आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर सहित विभिन्न प्रमुख प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन कराया गया। प्रतिभागियों ने अकादमी के उन्नत प्रशिक्षण तंत्र एवं अभ्यासिक शिक्षण वातावरण की सराहना की।
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भारतीय ज्ञान प्रणाली के अनुसार “मानसिक स्पष्टता” पर ज्ञानवर्धक शेक्षणिक सत्र
20 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी में “मन का महत्व: उच्च प्रदर्शन वाले वातावरण में तनावमुक्त मन” विषयक प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया, जो भारतीय ज्ञान प्रणाली के सिद्धांतों के अनुरूप था। यह सत्र श्री अविनाश घासी (एपीईएक्स – ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के कॉर्पोरेट प्रशिक्षण विभाग से), द्वारा संचालित किया गया। श्री घासी ने मार्गदर्शित ध्यान सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें मन और शरीर के बीच गहरे संबंध और इसका उत्पादकता व समग्र कल्याण पर प्रभाव की व्याख्या की गयी। उन्होंने मानव अस्तित्व की सात अवस्थाओं — शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहंकार और आत्मा — और इनके सामंजस्यपूर्ण समन्वय से प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में प्रदर्शन कैसे बढ़ता है, विस्तारपूर्वक समझाया। यह अंतःक्रियात्मक सत्र तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और आंतरिक संतुलन के व्यावहारिक उपाय प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों के लिए सकारात्मक और ऊर्जा-पूर्ण अनुभव के साथ संपन्न हुआ।
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गुजरात प्रशासनिक और विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों का डीएमआरसी अकादमी का भ्रमण
19 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा आयोजित एक आधिकारिक भ्रमण के अंतर्गत गुजरात प्रशासनिक सेवा (वर्ग-I) के अधिकारियों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिकों का स्वागत किया गया। भ्रमण का प्रारंभ अकादमी की अवसंरचना, प्रशिक्षण क्षमताओं, उत्कृष्टता केंद्रों और परियोजना प्रबंधन प्रथाओं पर विस्तृत प्रस्तुति से हुआ, इसके बाद परियोजना प्रबंधन पर एक अंतःक्रियात्मक चर्चा आयोजित की गई। तत्पश्चात अधिकारियों ने प्रमुख प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया, जिनमें जीएमएसएम सीबीटी कक्ष, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल कक्ष, आरएस-10 बोगी अनुभाग, ब्रेक्स एवं न्यूमैटिक्स कक्ष और आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर शामिल थे। प्रतिभागियों ने अकादमी के उन्नत प्रशिक्षण तंत्र और व्यावहारिक शिक्षण वातावरण की सराहना की।
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श्री शिव कुमार, आईआरएसई, भारतीय रेल के पूर्व महाप्रबंधक का दौरा
18 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी को भारतीय रेल के पूर्व महाप्रबंधक, श्री शिव कुमार, आईआरएसई, के स्वागत का गौरव प्राप्त हुआ। अपने भ्रमण के दौरान उन्हें अकादमी की प्रशिक्षण क्षमताओं से अवगत कराया गया तथा उन्होंने संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने सार्वजनिक सेवा एवं अवसंरचना विकास में अपने विशिष्ट अनुभव साझा करते हुए नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता के चार मूल स्तंभ — चरित्र, क्षमता, प्रतिबद्धता और साहस (4Cs) — के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं, जिनमें सिविल डेमो कक्ष, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल कक्ष, जीएमएसएम कक्ष, डिजिटल लाइब्रेरी, टीसीएमएस सिम्युलेटर सहित बोगी/ब्रेक एवं न्यूमैटिक्स प्रयोगशाला, आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर तथा टनल प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं, का अवलोकन किया और अकादमी के समग्र प्रशिक्षण तंत्र की सराहना की।
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डीएमआरसी अकादमी द्वारा आई-मेट्रो के लिए "कर्षण प्रणाली में प्रगति" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
डीएमआरसी अकादमी ने भारतीय मेट्रो रेल संगठन सोसायटी (आई-मेट्रो) के लिए “कर्षण प्रणाली में प्रगति” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य तकनीकी ज्ञान को सुदृढ़ करना, श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान करना तथा मेट्रो कर्षण प्रौद्योगिकी में नवीनतम नवाचारों पर विचार-विमर्श करना था। देशभर की विभिन्न मेट्रो रेल निगमों से इंजीनियरों एवं तकनीकी अधिकारियों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की। सत्रों में कर्षण प्रौद्योगिकी, स्काडा प्रणाली तथा नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से वित्तीय स्थिरता से संबंधित नवीनतम प्रगति पर चर्चा की गई, साथ ही आई-मेट्रो सदस्य संगठनों के मध्य श्रेष्ठ प्रथाओं के मानकीकरण को प्रोत्साहित किया गया। अंतःक्रियात्मक चर्चाओं, प्रश्नोत्तर सत्रों एवं विषय विशेषज्ञों के अनुभव-साझाकरण के माध्यम से प्रतिभागियों ने कर्षण विफलताओं एवं ऊर्जा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया। यह कार्यशाला ज्ञान-साझाकरण, नेटवर्किंग एवं सहयोग को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच सिद्ध हुई और धन्यवाद ज्ञापन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने इसकी व्यावहारिक एवं तकनीकी रूप से समृद्ध सामग्री की सराहना की।
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डीएमआरसी अकादमी द्वारा सोनीपत स्टार्ट-अप समिट 2026 - 4.0 में नवाचार का प्रदर्शन
डीएमआरसी अकादमी ने सोनीपत स्टार्ट-अप समिट 2026 में अपनी नवाचार-प्रेरित पहलों का गर्वपूर्वक प्रतिनिधित्व किया, जहां मेट्रो इनोवेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (MICE) को क्षेत्र के प्रमुख प्रदर्शकों, निवेशकों एवं उभरते स्टार्ट-अप्स के मध्य प्रदर्शित किया गया। अकादमी के स्टॉल ने निवेशकों, स्टार्ट-अप्स, उद्योग प्रतिनिधियों और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने सहयोग के अवसरों का अन्वेषण किया तथा डीएमआरसी के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र एवं इनक्यूबेशन संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
समिट का एक प्रमुख आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसमें डीएमआरसी अकादमी के माननीय महानिदेशक ने टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में इनक्यूबेशन को सुदृढ़ करने और स्टार्ट-अप विकास को प्रोत्साहित करने संबंधी महत्वपूर्ण विचार साझा किए। क्षेत्रीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने तथा उद्योग–शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग को बढ़ावा देने पर उनके विचारों की व्यापक सराहना की गई। इस सत्र में लगभग 1000 प्रतिभागियों—जिनमें स्टार्ट-अप्स, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी शामिल थे—की उत्साही भागीदारी रही, जिससे यह संवाद अत्यंत प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
इस अधिवेशन के माध्यम से डीएमआरसी अकादमी ने नवाचार संवर्धन, उद्योग सहभागिता और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन में अपनी अग्रणी भूमिका को पुनः स्थापित करते हुए युवा उद्यमियों एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपने संवाद को और सुदृढ़ किया।
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इन-स्पेस अधिकारियों का दौरा
06 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के अधिकारियों का स्वागत किया गया। यह भ्रमण भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा उनके आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया था। प्रतिनिधिमंडल को अकादमी की प्रशिक्षण क्षमताओं एवं उत्कृष्टता केंद्रों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसके उपरांत उन्हें आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर सहित अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन कराया गया। अधिकारियों ने अकादमी के उन्नत सिम्युलेटर्स तथा प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशिक्षण तंत्र की सराहना की। यह भ्रमण पेशेवर संवाद एवं ज्ञान-विनिमय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
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प्रशिक्षुओं के लिए राष्ट्रपति भवन एवं अमृत उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण
04 फरवरी 2026 को डीएमआरसी अकादमी ने अपने दीर्घावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत रीशफलिंग (फेरबदल) बैच (ट्रेन परिचालन से स्टेशन परिचालन) के प्रशिक्षुओं के लिए राष्ट्रपति भवन तथा अमृत उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षुओं को भारत की संवैधानिक व्यवस्था, शासन प्रणाली, स्थापत्य धरोहर एवं पर्यावरणीय सतत पहलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इस समृद्ध अनुभव ने उन्हें संवैधानिक मूल्यों एवं लोकतांत्रिक परंपराओं की गहन समझ प्रदान की, धरोहर संरक्षण के प्रति सम्मान को सुदृढ़ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। साथ ही, इस भ्रमण ने अनुशासन, नागरिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सशक्त करते हुए कक्षा शिक्षण से परे उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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अल्स्टॉम ट्रांसपोर्टेशन इंडिया लिमिटेड के पदाधिकारियों के लिए अनुकूलित फाउंडेशन प्रशिक्षण
डीएमआरसी अकादमी ने अल्स्टॉम ट्रांसपोर्टेशन इंडिया लिमिटेड के 52 कर्मचारियों के लिए अनुकूलित फाउंडेशन प्रशिक्षण का आयोजन किया, ताकि उनके तकनीकी ज्ञान और परिचालन तत्परता को सुदृढ़ किया जा सके। यह कार्यक्रम आठ-आठ दिनों के दो बैचों में आयोजित किया गया। पहले बैच का प्रशिक्षण 29 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरे बैच ने 19 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2026 तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को आवश्यक मूलभूत तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया, जिससे वे मेट्रो परिचालन और अनुरक्षण गतिविधियों में प्रभावी रूप से योगदान देने के लिए सक्षम हो सकें।
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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या
23 जनवरी 2026 को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर डीएमआरसी अकादमी द्वारा लोकतंत्र, एकता एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को स्मरण करने हेतु एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान, सत्यनिष्ठा तथा राष्ट्र के मार्गदर्शक मूल्यों का प्रतीक है। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। यह सांस्कृतिक संध्या अकादमी के अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षुओं के बीच देशभक्ति, अनुशासन तथा सामूहिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक सार्थक मंच सिद्ध हुई, जो राष्ट्र सेवा के प्रति डीएमआरसी की चिरस्थायी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
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“संविदा प्रबंधन की कला” पर कार्यशाला
डीएमआरसी अकादमी द्वारा “संविदा प्रबंधन की कला” विषय पर कार्यशाला का आयोजन 19 से 23 जनवरी 2026 तक किया गया। पांच दिवसीय इस कार्यशाला में निविदा प्रक्रिया एवं संविदा प्रबंधन, विधिक दृष्टिकोण, संविदा की सामान्य शर्तें (जनरल कंडीशन्स ऑफ कॉन्ट्रैक्ट), भारतीय अनुबंध शर्तों की एफआईडीआईसी प्रावधानों से तुलना, प्रकरण अध्ययन, संविदा संबंधी सामान्य त्रुटियां, वार्ता कौशल तथा विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्रों सहित विभिन्न विषयों को सम्मिलित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के साथ विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में डीएमआरसी के 22 नामांकित प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो संगठन के विभिन्न स्तरों एवं विविध कार्यात्मक पृष्ठभूमियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे सार्थक विचार-विमर्श एवं व्यावहारिक सीख को बढ़ावा मिला।
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श्री वी. वी. एस. श्रीनिवास, वरिष्ठ प्रोफेसर एवं निदेशक (प्रभारी), IRIDM का डीएमआरसी अकादमी भ्रमण
19 जनवरी 2026 को श्री वी. वी. एस. श्रीनिवास, वरिष्ठ प्रोफेसर एवं निदेशक (प्रभारी), भारतीय रेल आपदा प्रबंधन संस्थान (IRIDM) ने डीएमआरसी अकादमी का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्हें अकादमी के प्रशिक्षण दायित्व, कार्यक्रमों एवं क्षमताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान उन्होंने अकादमी की अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन किया । श्री श्रीनिवास ने डीएमआरसी अकादमी की सराहना करते हुए कहा कि “यह एक उन्नत सुविधा है, जिसका संचालन एक समर्पित एवं जानकार टीम द्वारा किया जा रहा है। यह भ्रमण अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। मैं डीएमआरसी अकादमी की टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”
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CETUSE के अंतर्गत “सार्वजनिक खरीद एवं निविदा प्रक्रिया” पर कार्यशाला
डीएमआरसी अकादमी द्वारा 9 जनवरी 2026 को “उत्कृष्टता केंद्र – टनल निर्माण एवं भूमिगत स्थान अभियांत्रिकी” (CETUSE) के अंतर्गत “सार्वजनिक खरीद एवं निविदाकरण” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डीएमआरसी के 13 नामांकित प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो विभिन्न संगठनात्मक स्तरों और विविध कार्यात्मक पृष्ठभूमियों जैसे आर्किटेक्चर, सिविल कंस्ट्रक्शन, परिचालन एवं अनुरक्षण (O&M) और डिज़ाइन का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कार्यक्रम में “GeM के माध्यम से खरीद” एवं “निर्माण कार्यों में निविदाकरण” विषय पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। कार्यशाला में GeM के माध्यम से सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं, निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया और संबंधित केस स्टडीज का विश्लेषण किया गया, जिससे प्रतिभागियों को खरीद एवं निविदा प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ और व्यापक ज्ञान प्राप्त हुआ।
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